New Govt Scheme For Jharkhand 2026.

New Govt Scheme for Jharkhand 2026

New Govt Scheme for Jharkhand 2026 |

New Govt Scheme For Jharkhand 2026.

1). मैयां सम्मान योजना

मैयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। 

मुख्य बातें:

  • वित्तीय सहायता: इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले ₹1,000 प्रतिमाह दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह कर दिया गया है। यानी साल में कुल ₹30,000 की सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • पात्रता: आवेदक महिला झारखंड की स्थायी निवासी होनी चाहिए। उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है।
  • जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड (गुलाबी, पीला या हरा) और वोटर आईडी कार्ड की आवश्यकता होती है।
  • कौन पात्र नहीं है: यदि महिला या उसका पति सरकारी नौकरी में है, आयकर (Income Tax) भरता है, या पहले से किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ ले रहा है, तो वह इस योजना के पात्र नहीं होंगे।

यह योजना महिलाओं को उनकी छोटी-मोटी जरूरतों और पोषण के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से मुक्त करती है।

2). अबुआ आवास योजना

झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य राज्य के उन गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है जो ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) के लाभ से वंचित रह गए थे।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • 3 कमरों का घर: इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को 3 कमरों का पक्का मकान (रसोई घर के साथ) बनाने के लिए सहायता प्रदान करती है।
  • वित्तीय सहायता: घर बनाने के लिए कुल ₹2 लाख की राशि चार किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • अतिरिक्त लाभ: मनरेगा के तहत काम करने पर लाभार्थी को घर बनाने के लिए लगभग ₹25,000 से ₹30,000 की मजदूरी का भी लाभ मिलता है।
  • किसे मिलेगा लाभ: ऐसे परिवार जो कच्चे घरों में रहते हैं, बेघर हैं, या पीवीटीजी (PVTG) श्रेणी के हैं और उन्हें पहले किसी अन्य आवास योजना का लाभ नहीं मिला है।

यह योजना राज्य के गरीबों को सम्मानजनक जीवन और छत देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

3). गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

झारखंड सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा (जैसे- इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ आदि) के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • ऋण राशि: इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹15 लाख तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) बहुत ही आसान शर्तों पर मिलता है।
  • कम ब्याज दर: ऋण पर केवल 4% वार्षिक साधारण ब्याज लगता है। यदि छात्र कोर्स की अवधि के दौरान ब्याज चुकाते हैं, तो उन्हें 1% की अतिरिक्त छूट भी मिलती है।
  • कोई गारंटी नहीं: इस लोन के लिए छात्रों को किसी कोलेटरल (Collateral) या गारंटर की आवश्यकता नहीं होती; झारखंड सरकार खुद गारंटर बनती है।
  • वापसी की अवधि: छात्रों को लोन चुकाने के लिए 15 साल का लंबा समय मिलता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद 1 वर्ष का ग्रेस पीरियड (स्थगन अवधि) भी दिया जाता है।
  • पात्रता: छात्र ने झारखंड के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं या 12वीं पास की हो।

4).मुख्यमंत्री सारथी योजना

झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को निशुल्क कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) प्रदान कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • निशुल्क प्रशिक्षण: युवाओं को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों (जैसे- सिलाई, आईटी, ब्यूटीशियन आदि) में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है।
  • आर्थिक सहायता:
    • परिवहन भत्ता: गैर-आवासीय प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को आने-जाने के लिए ₹1,000 प्रतिमाह मिलते हैं।
    • रोजगार प्रोत्साहन भत्ता: प्रशिक्षण के बाद 3 महीने तक नौकरी न मिलने पर युवाओं को ₹1,000 और युवतियों/दिव्यांगों को ₹1,500 प्रतिमाह (1 वर्ष तक) दिए जाते हैं।
  • पात्रता: आवेदक झारखंड का निवासी होना चाहिए। उम्र सीमा सामान्य वर्ग के लिए 18-35 वर्ष और आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) के लिए 50 वर्ष तक है।
  • बिरसा केंद्र: यह प्रशिक्षण प्रखंड (Block) स्तर पर स्थापित ‘बिरसा केंद्रों’ के माध्यम से दिया जाता है।

यह योजना युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

5). सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना

झारखंड सरकार द्वारा किशोरियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और बाल विवाह को रोकने के लिए शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है।

योजना के मुख्य लाभ:

इस योजना के तहत छात्राओं को कक्षा 8वीं से लेकर 18-19 वर्ष की आयु तक कुल ₹40,000 की आर्थिक सहायता किस्तों में दी जाती है:

  • कक्षा 8वीं और 9वीं: ₹2,500 – ₹2,500 प्रत्येक वर्ष।
  • कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं: ₹5,000 – ₹5,000 प्रत्येक वर्ष।
  • 18-19 वर्ष की आयु पर: ₹20,000 की एकमुश्त राशि (ताकि वे उच्च शिक्षा या अपने भविष्य के लिए उपयोग कर सकें)।

पात्रता और उद्देश्य:

  • यह योजना मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली गरीब और जरूरतमंद छात्राओं के लिए है।
  • इसका उद्देश्य स्कूल छोड़ने की दर (Drop-out rate) को कम करना और बेटियों को सशक्त बनाना है।
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का बैंक खाता होना अनिवार्य है।

6).मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (MSBY)

झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे अब ‘अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के रूप में और अधिक विस्तार दिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • निशुल्क इलाज: इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख से ₹15 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
  • कैशलेस सुविधा: अस्पताल में भर्ती होने पर आपको पैसे देने की जरूरत नहीं होती; सारा खर्च सरकार उठाती है।
  • किसे मिलेगा लाभ: राज्य के राशन कार्ड धारक, गरीब परिवार और हाल ही में शुरू हुई योजना के तहत राज्य कर्मचारी व पेंशनभोगी भी इसके पात्र हैं।
  • गंभीर बीमारियां: कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी 21 गंभीर बीमारियों के लिए ₹10 लाख तक की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।
  • अस्पताल: राज्य के सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।

यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इलाज के भारी खर्च से बचाकर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

 

7). मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना

झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वरोजगार (Self-employment) के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्य बातें:

  • ऋण सुविधा: इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹50,000 से लेकर ₹25 लाख तक का लोन दिया जाता है।
  • बड़ी सब्सिडी: सरकार लोन की राशि पर 40% (अधिकतम ₹5 लाख) तक का अनुदान (subsidy) देती है। इसका मतलब है कि आपको पूरा पैसा वापस नहीं करना होगा।
  • बिना गारंटी लोन: ₹50,000 तक के ऋण के लिए किसी गारंटर की आवश्यकता नहीं होती।
  • पात्रता: आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए। उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच और परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से कम होनी चाहिए।
  • लक्षित वर्ग: यह मुख्य रूप से SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजनों और सखी मंडल की दीदियों के लिए है।

यह योजना न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि राज्य में नए रोजगार के अवसर भी पैदा करती है।

8).झारखंड राज्य सर्वजन (Universal) पेंशन योजना

राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है। सरकार ने इसमें नियमों को बहुत आसान बना दिया है।

मुख्य बातें:

  • पेंशन राशि: इस योजना के तहत लाभार्थियों को ₹1,000 प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं।
  • उम्र सीमा में छूट: अब सभी वर्ग की महिलाओं और SC/ST वर्ग के पुरुषों के लिए वृद्धावस्था पेंशन की उम्र 60 से घटाकर 50 वर्ष कर दी गई है। अन्य के लिए यह 60 वर्ष है।
  • बाध्यता खत्म: पहले की तरह अब राशन कार्ड (APL/BPL) की कोई बाध्यता नहीं है। बस आवेदक आयकर दाता (Taxpayer) या सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
  • श्रेणियां: इसमें वृद्धावस्था पेंशन के अलावा निराश्रित महिला (विधवा) सम्मान पेंशन और दिव्यांग पेंशन भी शामिल है।

यह योजना राज्य के हर उस व्यक्ति को सहारा देती है जिसके पास आय का कोई स्थिर स्रोत नहीं है।

9). मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना

झारखंड के किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के खर्च (जैसे बीज और खाद खरीदना) के लिए नकद मदद देना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • आर्थिक मदद: किसानों को उनकी जमीन के आधार पर ₹5,000 से लेकर ₹25,000 प्रति वर्ष तक की सहायता दी जाती है।
  • प्रति एकड़ सहायता: 1 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को कम से कम ₹5,000 और अधिकतम 5 एकड़ जमीन वाले किसानों को ₹25,000 (यानी ₹5,000 प्रति एकड़) मिलते हैं।
  • डायरेक्ट बेनिफिट (DBT): सहायता राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • पात्रता: यह योजना केवल झारखंड के छोटे और सीमांत किसानों के लिए है जिनके पास 5 एकड़ या उससे कम कृषि भूमि है।
  • अतिरिक्त लाभ: यह राशि केंद्र सरकार की ‘पीएम किसान योजना’ के पैसों के अतिरिक्त मिलती है।

यह योजना किसानों को कर्ज के बोझ से बचाने और फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है।

 10). मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना

झारखंड सरकार की एक सराहनीय पहल है, जिसका लक्ष्य राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है।

मुख्य बातें:

  • प्रोत्साहन राशि: इस योजना के तहत झारखंड मिल्क फेडरेशन (Medha Dairy) से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को उनके द्वारा बेचे गए दूध पर ₹5 प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (Bonus) दी जाती है।
  • सीधा भुगतान: यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते (DBT के माध्यम से) में भेजा जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राज्य को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित करना है।
  • लाभ: इससे न केवल पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं।

यह योजना उन हजारों किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है जो डेयरी फार्मिंग को अपना मुख्य व्यवसाय बनाना चाहते हैं।

 

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *